उत्तराखंड
पहाड़ो में गुलदार के आतंक से दहशत में ग्रामीण,डीएफओ पर लगाये लापरवाही के आरोप

पौड़ी जनपद में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आए दिन हो रहे हमलों के बीच शुक्रवार देर शाम पौड़ी ब्लॉक के कमन्द गांव में एक और दर्दनाक घटना सामने आई, जहां गुलदार ने एक व्यक्ति को अपना निवाला बना लिया। जानकारी के अनुसार गांव निवासी मोहन चन्द्र मलासी शुक्रवार शाम करीब छह बजे गांव के समीप खेतों में गायों के लिए चारापत्ती लेने गए थे। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान उनका शव खेतों के पास क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए गढ़वाल डीएफओ पर लापरवाही के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में यह लगातार 7वी घटना है, लेकिन अब तक वन विभाग की ओर से कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। प्रदर्शनकारियों ने वन मंत्री के रवैये को भी बेहद निराशाजनक बताते हुए इस्तीफे की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही मौतों के बावजूद केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि ग्रामीण भय के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं।वहीं पूरे मामले पर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई गई है। साथ ही गढ़वाल डीएफओ को क्षेत्र में पिंजरे लगाने, झाड़ियों के कटान और लगातार गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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