उत्तराखंड
सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं ‘नन्हे ड्राइवर’,क्या प्रशासन को है किसी बड़े हादसे का इंतज़ार
कोटद्वार : शहर में इन दिनों एक खतरनाक ट्रेंड तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। कम उम्र के बच्चे खुलेआम स्कूटी और बाइक दौड़ाते नजर आ रहे हैं। कई बच्चों के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही ट्रैफिक नियमों की सही जानकारी…इसके बावजूद वे व्यस्त सड़कों पर वाहन चलाते दिख रहे हैं।
यह लापरवाही सिर्फ बच्चों की जान के लिए ही नहीं…बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है। आए दिन तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के मामले सामने आ रहे हैं…लेकिन इसके बावजूद स्थिति में खास सुधार नजर नहीं आ रहा।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी जिम्मेदारी अभिभावकों की है…जो खुद अपने नाबालिग बच्चों को वाहन सौंप रहे हैं। थोड़ी सुविधा और शौक के कारण कई माता-पिता बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर पुलिस और आरटीओ विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ समय पहले अभियान चलाकर कई वाहनों को सीज किया गया था…लेकिन अभियान खत्म होते ही फिर से सड़कों पर नाबालिग चालक दिखाई देने लगे। लोगों का कहना है कि अगर नियमित चेकिंग और सख्त कार्रवाई हो…तो इस पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
नाबालिग को वाहन देना सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं…बल्कि एक बड़ा जोखिम भी है। हादसे की स्थिति में जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना अभिभावकों को करना पड़ सकता है।
सड़क सुरक्षा को लेकर अब जरूरत सिर्फ पुलिस अभियान की नहीं…बल्कि अभिभावकों की जागरूकता की भी है। क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
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