उत्तराखंड
कोटद्वार में धड़ल्ले से बिक ओर इस्तेमाल हो रही सिंगल यूज प्लास्टिक,नगर निगम कुम्भकर्णी नींद में

कोटद्वार शहर में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बढ़ता इस्तेमाल अब एक गंभीर समस्या का रूप लेता जा रहा है।
शहर के विभिन्न इलाकों—बाज़ारों, रिहायशी कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर प्लास्टिक कचरा खुले में बिखरा हुआ देखा जा सकता है।
सब्ज़ी मंडियों और छोटी दुकानों पर आज भी बड़े पैमाने पर पॉलीथिन और अन्य सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग किया जा रहा है। इस्तेमाल के बाद यही प्लास्टिक सड़कों और नालियों में फेंक दिया जाता है, जिससे गंदगी और अव्यवस्था फैल रही है।
स्थानीय स्तर पर देखा जा रहा है कि नालियों में जमा यह प्लास्टिक पानी के बहाव को बाधित कर रहा है। बारिश के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जब जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, सिंगल यूज़ प्लास्टिक न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह लंबे समय तक नष्ट नहीं होता और मिट्टी व जल स्रोतों को भी प्रदूषित करता है।
हालांकि सरकार द्वारा सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन कोटद्वार में इसके पालन को लेकर स्थिति संतोषजनक नहीं दिखाई दे रही है।
वहीं, इस पूरे मामले में कोटद्वार नगर निगम की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
नगर निगम द्वारा समय-समय पर अभियान चलाने और सख्ती बरतने के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर उनकी सक्रियता कहीं नजर नहीं आती।
कई इलाकों में सफाई व्यवस्था ढीली बनी हुई है और नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही, जिससे प्लास्टिक कचरा लगातार जमा होता जा रहा है।
ऐसा प्रतीत होता है कि नगर निगम अपने कर्तव्यों के प्रति पूरी तरह जागरूक नहीं है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या आने वाले समय में और भी विकराल रूप ले सकती है।
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