कोटद्वार
विपक्ष के सवालों पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी का तीखा पलटवार
हाल ही में एक प्रेस वार्ता के दौरान उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने 131वें संविधान संशोधन और परिसीमन बिल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब यह बिल संसद में पेश हुआ था, तब देशभर की महिलाओं में एक नई उम्मीद जगी थी, लेकिन संसद में हुई बहस और इसके पारित न हो पाने पर उन्हें निराशा हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि भले ही संसद में रुकावटें आई हों, लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री का विजन महिलाओं को नीति-निर्माण की मुख्यधारा में लाने का है और इस दिशा में आगे ठोस कदम जरूर देखने को मिलेंगे।
विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने उत्तराखंड का उदाहरण दिया और कहा कि जो लोग महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाते हैं, उन्हें उत्तराखंड आकर देखना चाहिए। यहां महिला मेयर, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष और वार्ड सदस्य बड़ी संख्या में हैं और सभी अपने-अपने स्तर पर अच्छा काम कर रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार में महिलाओं को योग्यता के आधार पर अवसर दिए जा रहे हैं और किसी भी पद पर चयन के दौरान पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं के नाम पर भी बराबरी से विचार किया जाता है।
कुल मिलाकर उनका यह बयान संकेत देता है कि आने वाले समय में राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत हो सकती है। अब देखना होगा कि क्या महिला आरक्षण से जुड़ा यह मुद्दा आगे बढ़ता है और देश की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव लाता है।
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