उत्तराखंड
देहरादून: जिला प्रशासन की पहल रंग ला रही,7 व्यक्ति हुए नशामुक्त
देहरादून: जिले के प्रथम राजकीय नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र से अब तक 7 से अधिक व्यक्ति सफलतापूर्वक नशामुक्त हो चुके हैं। जिला प्रशासन की यह पहल नशे के बढ़ते संकट को रोकने और समाज को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट देहरादून में आयोजित बैठक में जिले में मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव रोकने, मांग-आपूर्ति श्रृंखला तोड़ने और नशामुक्ति सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई।
मुख्य पहलें और उपलब्धियां:
रायवाला स्थित ओल्ड एज होम परिसर में संचालित नशा मुक्ति केंद्र पूरी क्षमता पर संचालित है। यहाँ वैज्ञानिक पद्धति से उपचार और काउंसलिंग की जा रही है।
गंभीर मामलों के लिए AIIMS ऋषिकेश के साथ MoU किया गया है, जहां 7 दिन के लिए 10 बेड की इंटेंसिव थेरेपी आरक्षित की गई है।
एंटी-ड्रग हेल्पलाइन 9625777399 शुरू की गई, जिससे किसी भी व्यक्ति को नशे से संबंधित जानकारी और परामर्श मिल सके।
जिला प्रशासन ने फर्जी नशामुक्ति केंद्रों और मानक विपरित संचालित केंद्रों पर ताला लगाने के निर्देश दिए।
स्कूल और कॉलेजों में एंटी ड्रग कमेटी सक्रिय, छात्र-छात्राओं की भागीदारी से जागरूकता अभियान और रेंडम ड्रग टेस्टिंग की जा रही है।
स्कूलों में नर्सरी और छोटी कक्षाओं से ही नशे के दुष्प्रभावों के प्रति बच्चों को जागरूक किया जा रहा है।
सभी शैक्षणिक संस्थानों, मेडिकल स्टोर, होटल और पीजी में CCTV कैमरे अनिवार्य करने के निर्देश।
जिला प्रशासन ने एएनटीएफ, STF, NCB और पुलिस विभाग के साथ समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नशामुक्त जनपद का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सभी विभाग समन्वय, संवेदनशीलता और सख्ती के साथ काम करेंगे ताकि युवाओं को सुरक्षित भविष्य मिल सके।
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