उत्तराखंड
जब प्रशासन बना सहारा: दिव्यांग और बुजुर्गों को मिला मुफ्त उपकरण, खिले चेहरे
देहरादून : वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में समाज कल्याण विभाग द्वारा विशेष शिविरों का आयोजन कर बड़ी संख्या में सहायक उपकरण वितरित किए गए। यह अभियान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की एडिप योजना और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत संचालित किया गया।

कालसी स्थित सरदार महिपाल राजेंद्र जनजातीय (पीजी) सहिया परिसर में आयोजित समापन शिविर में 657 सहायक उपकरण निशुल्क वितरित किए गए। जनपद के छह विकासखंडों और नगर निकाय क्षेत्रों में आयोजित कुल नौ शिविरों के माध्यम से 3,447 दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को बैसाखी, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग, वॉकर, कमोड चेयर, कमर बेल्ट और श्रवण यंत्र जैसे उपकरण उपलब्ध कराए गए।
विकासखंड रायपुर, सहसपुर, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी, ऋषिकेश, कालसी, लाखामंडल, त्यूणी और कनासर क्षेत्रों में लाभार्थियों को सीधे लाभ पहुंचाया गया। प्रशासन का उद्देश्य केवल उपकरण वितरित करना नहीं…बल्कि जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाना है।
समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि मात्र 30 दिनों के भीतर पात्र लाभार्थियों तक उपकरण पहुंचाए गए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि देहरादून स्थित प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र में सप्ताह के सातों दिन सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं, जिसके लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
लाभार्थियों ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
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