उत्तराखंड
जौलीग्रांट एयरपोर्ट का विस्तार सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से होगा,डीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश
देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में जौलीग्रांट एयरपोर्ट की एयरफील्ड पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक हुई। बैठक में एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर संचालन क्षेत्र में पक्षियों और वन्यजीवों की गतिविधियों को नियंत्रित करने और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी बंसल ने स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट का विस्तारीकरण मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभावितों को तत्काल मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के विस्तार से राज्य की आय बढ़ेगी…स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और राज्य की संस्कृति व परंपरा को विश्व मानचित्र पर प्रस्तुत किया जा सकेगा।
साथ ही, डीएम ने डोईवाला नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए कि एयरपोर्ट के निकट केशवपुरी स्थित डंपिंग यार्ड में कूड़े का निस्तारण तुरंत तेज किया जाए। ट्रामेल और पोकलैंड मशीनों की खरीदारी शीघ्र पूर्ण की जाए और डंपिंग यार्ड को टिन शेड से ढककर संचालन में तेजी लाई जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मशीनें क्रय किए बिना कोई भी पालिका प्रस्ताव स्वीकृत नहीं होगा।
जिलाधिकारी ने बर्ड हिट की घटनाओं और वन्यजीवों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए हवाई अड्डा परिसर और आसपास एकत्रित होने वाले कूड़े का नियमित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही एयरपोर्ट क्षेत्र में स्थित सभी दुकानों, होटल और रेस्टोरेंट की भी पड़ताल कराकर नियमानुसार सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि केशवपुरी में स्थित डंपिंग साइट को अन्यत्र शिफ्ट करने के लिए सप्ताह के भीतर सरकारी भूमि चिन्हित की जाएगी। जिलाधिकारी ने नाली की क्षमता और सफाई में मौजूदा विसंगतियों के लिए सिंचाई विभाग को कार्य शुरू करने के निर्देश भी दिए।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि परिसर के आसपास कचरे की डंपिंग, मांस की दुकानें और निर्धारित ऊंचाई से अधिक पेड़ या इमारतें बर्ड स्ट्राइक की संभावनाओं को बढ़ाती हैं। उन्होंने डंपिंग यार्ड के विस्थापन और नाली की समस्या को जिलाधिकारी के समक्ष रखा।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को हिदायत दी कि एयरपोर्ट का संचालन सुरक्षित, साफ और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से हो।
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