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उत्तराखंड

जनता की सुरक्षा को नजरअंदाज कर दीवार बनाना निगम की मनमानी-ऋतु खंडूड़ी

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कोटद्वार : खोह नदी के किनारे नगर निगम की ओर से बनाई जा रही सुरक्षा दीवार अब गंभीर विवाद का कारण बनती जा रही है। सिंचाई विभाग की आपत्ति के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक ऋतु खंडूरी ने भी इस निर्माण पर कड़ा ऐतराज जताया है। बिना विभागीय एनओसी के नदी में बनाया जा रहा यह निर्माण बरसात के मौसम में बड़े नुकसान की वजह बन सकता है।नगर निगम और जनप्रतिनिधि जनता का हित दरकिनार करते हुए ठेकेदारों का हित देख रहे हैं।बरसात में नदियां पूरे उफान पर होती हैं और ऐसे में नदी की चौड़ाई कम हो जाने से बरसात में जानमाल की हानि होने की सम्भावना बन गई है।जनप्रतिनिधि को सबसे पहले जनता के बारे में सोचना चाहिए था लेकिन इसके विपरीत ही हो रहा है।वोट मिलने के बाद शायद जनता के प्रति जिम्मेदारी खत्म हो जाती है और चहेतों की शुरू ऐसे में जनता अपने आप को ठगा महसूस करती है।

नगर निगम का दावा है कि यह दीवार डंपिंग यार्ड से कूड़ा नदी में गिरने से रोकने के उद्देश्य से बनाई जा रही है…लेकिन सिंचाई विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि इससे नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है। विभाग के अनुसार नदी का फैलाव कम होने से बारिश के दौरान बाढ़ और कटाव का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।

सिंचाई विभाग इस संबंध में प्रशासन और नगर निगम को पत्र लिखकर पहले ही आगाह कर चुका है, इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी है। इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने सख्त रुख अपनाते हुए इसे जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ बताया है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति नदी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण नियमों के खिलाफ है और प्रशासन को पूरे मामले की जांच करनी चाहिए।

इधर खोह नदी के दूसरी ओर रहने वाले ग्रामीणों में भी डर और नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का प्राकृतिक मार्ग संकरा होने से बरसात में पूरा इलाका जलभराव और बाढ़ की चपेट में आ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि समय रहते इस निर्माण पर रोक लगाई जाए।

वहीं नगर निगम की ओर से अब तक न तो निर्माण कार्य रोका गया है और न ही एनओसी को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। अधिकारियों का कहना है कि पत्रावली देखी जा रही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर काम जारी है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर निगम किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है या प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप कर आम लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

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