उत्तराखंड
कोटद्वार में माहौल बिगाड़ने का जिम्मेदार कौन….बाबा,विजय,मोहम्मद दीपक या बजरंग दल
कोटद्वार-कोटद्वार में बाबा नाम पर मचा बबाल थमने का नाम नहीं ले रहा है इस बावल के लिए जिम्मेदार कौन *बाबा कटपीस वाला,मोहम्मद दीपक,विजय रावत या बजरंग दल*….ऐसा हमने इसलिए कहा क्योंकि इस सवाल का उठना लाजिमी है।

पहले बात करते हैं बाबा कटपीस वाले कि जब उनको पहली चेतावनी मिली थी दुकान का नाम बदलने की तब उन्होंने थाने में शिकायत क्यों नहीं की थी अगर पहली बार मे ही शिकायत कर देते तो ऐसी नौबत नहीं आती। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने पुलिस को बताने की बजाय मोहम्मद दीपक ओर विजय रावत को क्यों बताया….
अब मोहम्मद दीपक ओर विजय रावत की बात करते हैं आज के समय मे हर व्यक्ति के पास किसी न किसी पुलिस कर्मी का नम्बर जरूर होता है यदि वहां पर बाबा कटपीस ओर बजरंग दल के बीच विवाद हो रहा था उस स्थिति में पुलिस को सूचित क्यों नहीं किया गया।जिससे समय रहते पुलिस आकर मामले को शांत करवा देती ओर कोटद्वार का शांत माहौल नहीं बिगड़ता।अपना नाम मोहम्मद दीपक बता कर आग में घी डालने का काम किया गया ओर वह आग पूरे देश मे फैल गई….
बजरंग दल पर भी थोड़ी रोशनी डाल लेते हैं। बजरंग दल वालों को यदि बाबा नाम से आपत्ति थी।उनको सर्वप्रथम एसडीएम को ज्ञापन देना चाहिए था। लेकिन शायद उन्होंने स्वयं को ही प्रशासन समझ लिया था।बताया जाता है बाबा नाम से यह दुकान पिछले 30/40 सालों से चल रही है ओर सिद्धपीठ श्रीसिद्धबली बाबा का बहुत प्राचीन मंदिर कोटद्वार मे है। बजरंग दल को अभी क्यों याद आई….जो सालों से रह रहे थे उस समय मुस्लिम समुदाय के एक व्यापारी के दुकान का बाबा नाम रखने पर श्री सिद्धबली मंदिर के पुजारियों ने इसका विरोध क्यों नहीं किया।बाबा की आड़ में कोटद्वार को झुलसाने का प्रयास तो नही था।
वही इस पूरे प्रकरण पर विधानसभा अध्यक्ष का भी एक बयान जो कि सही भी है कि कोटद्वार में रहने वाले सभी अपने हैं बाहरी लोग कोटद्वार में आकर माहौल खराब करने का प्रयास न करें।
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