उत्तराखंड
उत्तराखंड में नई आबकारी नीति लागू, जानें अब कितनी ढीली होगी आपकी जेब,राजस्व का लक्ष्य 5400 करोड़
अब उत्तराखंड में शराब के शौकीनों की जेब पर असर पड़ने वाला है। नई आबकारी नीति लागू होते ही विदेशी मदिरा की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा।
राज्य की आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹5400 करोड़ का महत्वाकांक्षी राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नई नीति के तहत IMFL यानी विदेशी मदिरा की कीमतों में आंशिक वृद्धि की गई है। McDowell’s जैसे छोटे और मध्यम श्रेणी के ब्रांड्स की कीमतों में ₹10 से ₹20 प्रति बोतल तक का इजाफा हुआ है।
हालांकि, प्रीमियम ब्रांड्स और देशी शराब के उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है, क्योंकि इनके दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
विभाग के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में ₹2604 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले करीब ₹2550 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। वहीं इस बार लक्ष्य को बढ़ाकर ₹5400 करोड़ कर दिया गया है, जो कि एक बड़ा उछाल माना जा रहा है।
दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है और अब तक प्रदेश में लगभग 700 शराब दुकानों का सफलतापूर्वक निपटान किया जा चुका है। विभाग का दावा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जा रही है।
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने कहा कि विभाग का मुख्य फोकस राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ अवैध शराब की बिक्री पर सख्त नियंत्रण रखना है और नई नीति के तहत नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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