देहरादून
देहरादून में ‘कलम’ से बदल रही तकदीर: सड़कों पर भटकते 325 बच्चों को मिली नई जिंदगी, DM सविन बंसल की मुहिम लाई रंग
देहरादून में जिला प्रशासन की एक सराहनीय पहल अब मिसाल बनती जा रही है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों से वंचित और भटके हुए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का अभियान लगातार सफल हो रहा है।
साधु राम इंटर कॉलेज में स्थापित राज्य का पहला मॉडल इंटेंसिव केयर सेंटर इन बच्चों के जीवन में बदलाव का केंद्र बन चुका है। यहां सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है।
सेंटर में बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा, संगीत, योग और खेलकूद जैसी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, ताकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास एक साथ हो सके। खास बात यह है कि यहां दी जा रही सभी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क हैं।
इस सेंटर की सबसे बड़ी खासियत इसकी आधुनिक और स्मार्ट लाइब्रेरी है, जो बच्चों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वातानुकूलित माहौल, बेहतर रोशनी और आधुनिक फर्नीचर के साथ यह लाइब्रेरी बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ा रही है। यहां आने वाले आगंतुक भी इस पहल की खुलकर सराहना कर रहे हैं।
जिला प्रशासन ने एक माइक्रो प्लानिंग के तहत सड़कों पर भटक रहे बच्चों को चिन्हित कर उनकी काउंसलिंग की। इसके बाद उन्हें शिक्षा, तकनीकी ज्ञान, संगीत और खेलकूद से जोड़ते हुए स्कूलों में दाखिला दिलाया जा रहा है।
अब तक 325 बच्चों को रेस्क्यू कर शिक्षा से जोड़ा जा चुका है, जिनमें भीख मांगने वाले, बाल मजदूरी में लगे और कूड़ा बीनने वाले बच्चे शामिल हैं। वर्तमान में सेंटर में 25 बच्चों को नियमित रूप से शिक्षा दी जा रही है।
इस पूरी पहल को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम किया है, जबकि बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए नियमित मेडिकल जांच भी कराई जा रही है।
कुल मिलाकर, देहरादून का यह इंटेंसिव केयर सेंटर न सिर्फ बच्चों का भविष्य संवार रहा है, बल्कि समाज को एक नई दिशा भी दे रहा है।
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