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उत्तराखंड

गरीबी और मुश्किलों से जूझ रही बेटियों को मिला नया जीवन,जिला प्रशासन ने दिया सहारा

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देहरादून: 1 जनवरी 2026 को जिला प्रशासन ने समाज के अंतिम छोर पर खड़ी जरूरतमंद बालिकाओं के जीवन में शिक्षा की नई उम्मीद जगाई। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के 11वें संस्करण के तहत 04 बालिकाओं की बाधित शिक्षा को 1.55 लाख रुपये की धनराशि से पुनर्जीवित किया गया। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बालिकाओं को शिक्षा सहायता हेतु चेक वितरित किए।

जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक इस प्रोजेक्ट के माध्यम से 33.50 लाख रुपये की सहायता से कुल 93 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि नववर्ष की शुरुआत समाज सेवा और शिक्षा के जरिए करना अत्यंत संतोषजनक एवं पुण्य का कार्य है।

कार्यक्रम में लाभार्थी बालिकाओं ने अपने व्यक्तिगत संघर्ष की कहानियां साझा कीं। नंदनी राजपूत के पिता का 2018 में निधन हो गया था और आर्थिक तंगी के कारण उनकी 11वीं कक्षा की पढ़ाई बाधित थी। दिव्या के पिता दुर्घटना के बाद दिव्यांग हो गए थे….जिससे उनकी 9वीं कक्षा की शिक्षा रुक गई थी। आकांशी धीमान और नव्या नैनवाल की पढ़ाई भी परिवारिक कठिनाइयों के कारण बाधित हो रही थी। सभी बालिकाओं की शिक्षा जिला प्रशासन की मदद से पुनः सुचारू की गई।

जिलाधिकारी ने बालिकाओं से कहा कि जीवन में परिस्थितियों का सामना साहस और संकल्प के साथ करें और आगे बढ़ें। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार एवं जिला प्रशासन हमेशा बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सहयोगी रहेगा।

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