उत्तराखंड
उत्तराखंड की मातृभाषाओं के संरक्षण को लेकर भाषा अकादमी गठन की मांग
कोटद्वार-कोटद्वार में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की मातृभाषाओं गढ़वाली और कुमाऊंनी के संरक्षण को लेकर भाषा अकादमी गठन की मांग उठाई गई है। लोकभाषा एकांश और धाद संस्था ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की है।

संस्था का कहना है कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखने में मातृभाषाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन लंबे समय से इन भाषाओं की उपेक्षा हो रही है। पत्र में कहा गया कि राज्य की पहचान और संस्कृति को मजबूत बनाए रखने के लिए गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए उत्तराखंड भाषा अकादमी का गठन जरूरी है।
संस्था के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि सरकार मातृभाषाओं के संरक्षण के लिए ठोस नीति बनाएगी और प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।
लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट के लिए -
